Petrol Diesel LPG gas price: भारत में ईंधन की कीमतें केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि आम परिवारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा होती हैं। ऑफिस आने-जाने का खर्च, बच्चों की स्कूल वैन, सब्ज़ियों की ढुलाई और रसोई का बजट—सब कुछ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की दरों से प्रभावित होता है। साल 2026 की शुरुआत में लोग अपने खर्च और बचत को नए सिरे से संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में ईंधन के ताज़ा रेट जानना बेहद ज़रूरी हो जाता है। 16 जनवरी 2026 की स्थिति देखें तो कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिखता, लेकिन दाम अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय होने की प्रक्रिया
भारत में पेट्रोल और डीजल की दरें हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह बाज़ार से जुड़ी होती है और इसमें कई कारक भूमिका निभाते हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र सरकार द्वारा लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट—इन सभी का संयुक्त असर ईंधन के दामों पर पड़ता है। इसके अलावा परिवहन लागत, भंडारण खर्च और डीलर कमीशन भी कीमतों में अंतर पैदा करते हैं।
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां जैसे Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की चाल के अनुसार रोज़ाना रेट जारी करती हैं। यही कारण है कि एक ही दिन अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं।
महानगरों में पेट्रोल के मौजूदा भाव
अगर बड़े शहरों की बात करें तो 16 जनवरी 2026 को दिल्ली में पेट्रोल लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। मुंबई में यह दर करीब 103.50 रुपये प्रति लीटर है, जो देश के सबसे महंगे रेट्स में गिनी जाती है। बेंगलुरु में पेट्रोल का भाव लगभग 102.99 रुपये और हैदराबाद में करीब 107.46 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया जा रहा है। इन ऊंचे दामों का सीधा असर रोज़ाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छोटे कारोबारियों की जेब पर पड़ता है।
महानगरों में ट्रैफिक और लंबी दूरी की यात्रा पहले से ही खर्चीली होती है, ऐसे में पेट्रोल की ऊंची कीमतें मासिक बजट को और दबाव में डाल देती हैं।
डीजल के दाम और महंगाई पर प्रभाव
डीजल केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी सप्लाई चेन इसी ईंधन पर निर्भर करती है। ट्रक, बस, कृषि मशीनें और जनरेटर—सब डीजल से चलते हैं। फिलहाल देश के अधिकतर हिस्सों में डीजल की कीमतें 90 से 95 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं।
डीजल महंगा होने का सीधा असर रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर पड़ता है। सब्ज़ी, फल, दूध, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई लागत बढ़ जाती है, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़े उपकरणों और सिंचाई पंपों की लागत भी डीजल के दामों से जुड़ी होती है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है।
घरेलू LPG गैस सिलेंडर की मौजूदा स्थिति
घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर हर भारतीय रसोई की रीढ़ माना जाता है। राहत की बात यह है कि फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर लगभग 840.50 रुपये में उपलब्ध है।
अन्य शहरों और राज्यों में यह कीमत थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है, क्योंकि इसमें स्थानीय टैक्स, वैट और डिलीवरी चार्ज जुड़े होते हैं। कीमतों में स्थिरता रहने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को कुछ हद तक राहत मिलती है, खासकर ऐसे समय में जब अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हों।
राज्यों के हिसाब से दाम अलग क्यों होते हैं
अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि एक ही देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के रेट हर राज्य में अलग क्यों होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण टैक्स स्ट्रक्चर है। केंद्र सरकार पूरे देश में समान एक्साइज ड्यूटी लगाती है, लेकिन राज्य सरकारें अपने-अपने बजट और नीतियों के अनुसार वैट तय करती हैं।
यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अन्य शहरों के रेट्स में स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है। कुछ राज्य सामाजिक योजनाओं के लिए ज्यादा टैक्स लगाते हैं, जबकि कुछ राज्यों में वैट अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे ईंधन सस्ता या महंगा दिखाई देता है।
आम उपभोक्ताओं के लिए क्या है मायने
ईंधन की कीमतों में स्थिरता भले ही बड़ी राहत न लगे, लेकिन बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव के मुकाबले यह स्थिति बेहतर मानी जा सकती है। स्थिर दामों से परिवार अपने मासिक खर्च का बेहतर अनुमान लगा पाते हैं और अनावश्यक झटकों से बचते हैं। हालांकि लंबे समय तक ऊंचे दाम बने रहना आम लोगों की बचत पर असर डाल सकता है।
ऐसे में ईंधन की बचत, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और ऊर्जा दक्ष विकल्प अपनाना समझदारी भरा कदम हो सकता है।
निष्कर्ष
16 जनवरी 2026 को पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG गैस के ताज़ा रेट्स में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, लेकिन स्थिरता ने आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है। बदलते आर्थिक माहौल में सही और ताज़ा जानकारी के साथ अपने खर्च की योजना बनाना आज के समय की बड़ी जरूरत बन चुका है।
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पेट्रोल, डीजल और LPG गैस की कीमतें समय, स्थान और स्थानीय टैक्स के अनुसार बदल सकती हैं। सटीक और अपडेटेड रेट्स के लिए पाठकों को आधिकारिक तेल कंपनियों की वेबसाइट, गैस एजेंसी या सरकारी सूचनाओं की जांच करने की सलाह दी जाती है।










