B.Ed Admission Rules Changed: B.ED Course Rule Change Update: देश में शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए बीएड (B.Ed) पाठ्यक्रम में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है। लगभग 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अब एक बार फिर 1 वर्षीय बीएड कोर्स शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बदलाव को लेकर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह निर्णय उन लाखों युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, जो कम समय में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 2 वर्षीय बीएड के साथ-साथ 1 वर्षीय बीएड और 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) जैसे विकल्प सामने लाए जा रहे हैं।
क्यों जरूरी था B.Ed कोर्स में बदलाव
बीते कुछ वर्षों में यह महसूस किया गया कि शिक्षक बनने की प्रक्रिया में समय अधिक लग रहा है। स्नातक (3 वर्ष) + बीएड (2 वर्ष) यानी कुल 5 साल का समय कई अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया था। इसी समस्या को देखते हुए अब ऐसे उम्मीदवारों के लिए 1 वर्षीय बीएड कोर्स का विकल्प तैयार किया गया है, जिन्होंने पहले ही उच्च स्तरीय शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर ली है।
नई व्यवस्था के तहत योग्य अभ्यर्थी कम समय में प्रोफेशनल टीचर ट्रेनिंग पूरी कर सकेंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स: किसे मिलेगा मौका
NCTE द्वारा तैयार किए जा रहे नए नियमों के अनुसार 1 वर्षीय बीएड कोर्स सभी के लिए नहीं होगा, बल्कि इसके लिए कुछ विशेष पात्रता मानदंड तय किए गए हैं।
1 वर्षीय बीएड के लिए संभावित योग्यता
- जिन अभ्यर्थियों ने 4 वर्षीय स्नातक डिग्री (जैसे BA-B.Ed, BSc-B.Ed या ITEP आधारित कोर्स) पूरी की है
- ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने स्नातकोत्तर (PG) डिग्री प्राप्त कर ली है
- संबंधित विषय में न्यूनतम निर्धारित अंकों के साथ डिग्री होना अनिवार्य
इन उम्मीदवारों को 2 वर्षीय बीएड करने की आवश्यकता नहीं होगी और वे सीधे 1 वर्षीय बीएड कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे।
4 वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP)
शिक्षक बनने के लिए एक और बड़ा विकल्प 4 वर्षीय ITEP कोर्स है, जिसे NCTE ने पहले ही शुरू कर दिया है। इस कोर्स में छात्र 12वीं के बाद सीधे दाखिला लेकर 4 साल में ही स्नातक + बीएड की संयुक्त डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
ITEP के मुख्य लाभ
- समय की बचत
- शुरुआत से ही शिक्षक प्रशिक्षण पर फोकस
- प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप आधारित पढ़ाई
- 2030 तक इसे शिक्षक बनने का मुख्य मार्ग बनाने की योजना
क्या 2 वर्षीय B.Ed कोर्स बंद हो जाएगा?
इस सवाल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि 2 वर्षीय बीएड कोर्स तुरंत बंद नहीं किया जाएगा। आने वाले कुछ वर्षों तक यह कोर्स जारी रहेगा, खासकर उन छात्रों के लिए जो 3 वर्षीय स्नातक डिग्री के बाद बीएड करना चाहते हैं।
हालांकि, शिक्षा नीति के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2030 के बाद 4 वर्षीय ITEP कोर्स को प्रमुख और अनिवार्य विकल्प बनाया जा सकता है। इसके बाद 2 वर्षीय बीएड कोर्स को धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा सकता है। इस संबंध में अंतिम निर्णय NCTE की आधिकारिक गाइडलाइन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए B.Ed मान्य नहीं
बीएड कोर्स को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात जानना जरूरी है। प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) में पढ़ाने के लिए B.Ed डिग्री मान्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट फैसला
11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि:
- प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) अनिवार्य है
- 1 वर्षीय या 2 वर्षीय B.Ed डिग्री धारक प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के पात्र नहीं होंगे
B.Ed किन कक्षाओं के लिए मान्य
- अपर प्राइमरी (कक्षा 6 से 8)
- सेकेंडरी (कक्षा 9-10)
- सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 11-12)
इन स्तरों पर निकलने वाली शिक्षक भर्तियों में B.Ed धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स कब से होगा शुरू
हालांकि NCTE ने 1 वर्षीय बीएड कोर्स को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना और विस्तृत गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
संभावित शुरुआत
- विशेषज्ञों और शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार
- 2026 से 1 वर्षीय बीएड कोर्स शुरू होने की संभावना जताई जा रही है
जब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक अभ्यर्थियों को इंतजार करना होगा। इसके बाद ही एडमिशन प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा, सीटों की संख्या और कॉलेजों की सूची स्पष्ट हो पाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए क्या है फायदा
1 वर्षीय बीएड कोर्स शुरू होने से छात्रों को कई बड़े लाभ मिलेंगे:
- कुल अध्ययन अवधि में 1 वर्ष की बचत
- पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को तेज़ी से शिक्षक बनने का अवसर
- सरकारी और निजी स्कूलों की भर्तियों में जल्दी पात्रता
- शिक्षक शिक्षा प्रणाली में लचीलापन
निष्कर्ष
B.Ed कोर्स में किया गया यह बदलाव भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा सुधार माना जा सकता है। 1 वर्षीय बीएड, 2 वर्षीय बीएड और 4 वर्षीय ITEP—तीनों विकल्पों के साथ अब अभ्यर्थियों के पास अपनी योग्यता और लक्ष्य के अनुसार रास्ता चुनने की स्वतंत्रता होगी।
यदि आप शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं और पहले से 4 वर्षीय स्नातक या पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री रखते हैं, तो आने वाला 1 वर्षीय बीएड कोर्स आपके लिए समय और अवसर दोनों की दृष्टि से बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। अब सभी की नजर NCTE की आधिकारिक गाइडलाइन और 2026 से जुड़ी अंतिम घोषणा पर टिकी हुई है।














