Bima Sakhi Yojana 2026: आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा रही हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम ने महिलाओं के लिए एक विशेष रोजगार योजना शुरू की है, जिसे बीमा सखी योजना कहा जाता है। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। Bima Sakhi Yojana 2026 के तहत महिलाओं को बीमा क्षेत्र में काम करने का अवसर दिया जा रहा है, जहां उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ शुरुआती वर्षों में निश्चित मासिक आय भी मिलती है।
यह योजना उन महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर सामने आई है, जो घर की जिम्मेदारियों के साथ सम्मानजनक और स्थायी आय का स्रोत तलाश रही हैं।
बीमा सखी योजना क्या है
बीमा सखी योजना एक प्रोत्साहन आधारित कार्यक्रम है, जिसके तहत महिलाओं को एलआईसी की ओर से बीमा सखी या महिला करियर एजेंट के रूप में जोड़ा जाता है। इस योजना में शामिल महिलाओं को बीमा उत्पादों की जानकारी, बिक्री कौशल और ग्राहक सेवा से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है।
योजना का उद्देश्य महिलाओं को बीमा क्षेत्र में रोजगार देना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका अहम लक्ष्य है।
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
बीमा सखी योजना की शुरुआत दिसंबर 2024 में की गई थी और 2026 में यह पूरी तरह सक्रिय रूप से लागू हो चुकी है। इस योजना को तीन वर्षों के लिए तैयार किया गया है, जिसमें महिलाओं को शुरुआत में मासिक वजीफा दिया जाता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को ऐसा रोजगार देना है, जिसमें वे अपने परिवार और घरेलू जिम्मेदारियों के साथ तालमेल बैठा सकें। लचीला कार्य समय, स्थानीय क्षेत्र में काम करने की सुविधा और नियमित आय इस योजना को महिलाओं के लिए बेहद आकर्षक बनाती है।
बीमा सखी की भूमिका और कार्य
बीमा सखी योजना केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम है। इस योजना के अंतर्गत चयनित महिलाएं अपने क्षेत्र में बीमा सखी के रूप में कार्य करती हैं।
बीमा सखी का काम लोगों को बीमा योजनाओं की जानकारी देना, पॉलिसी बेचने में सहायता करना और ग्राहकों को सही सलाह देना होता है। योजना के शुरुआती तीन वर्षों में वजीफा मिलता है, उसके बाद महिलाएं नियमित एलआईसी एजेंट की तरह कमीशन आधारित काम करती रहती हैं।
एलआईसी की ओर से महिलाओं को निःशुल्क और व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें बीमा उत्पादों की जानकारी, बिक्री तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग और ग्राहक सेवा कौशल शामिल होते हैं।
पात्रता शर्तें: कौन बन सकती है बीमा सखी
बीमा सखी योजना के लिए पात्रता शर्तें सरल रखी गई हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
आवेदक महिला की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। महिला का कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। अधिक शिक्षित महिलाओं को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता मिल सकती है।
आवेदक को भारत की नागरिक होना चाहिए और उसके पास बीमा सखी के रूप में कार्य करने के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए। इसके अलावा बीमा नियामक संस्था द्वारा निर्धारित पूर्व-भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करना भी जरूरी है।
कौन महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं
कुछ श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है। जो महिलाएं पहले से सरकारी नौकरी या सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत हैं, वे आवेदन नहीं कर सकतीं।
इसके अलावा वर्तमान एलआईसी एजेंट, एलआईसी कर्मचारियों या पूर्व एजेंटों के निकट संबंधी भी इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते। सेवानिवृत्त एलआईसी कर्मचारी या पूर्व एजेंट जो दोबारा नियुक्ति चाहते हैं, वे भी इस योजना में शामिल नहीं हो सकते।
बीमा सखी योजना में आय और वेतन संरचना
Bima Sakhi Yojana 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी आय व्यवस्था है। इस योजना में महिलाओं को पहले तीन वर्षों तक प्रदर्शन आधारित मासिक वजीफा दिया जाता है।
पहले वर्ष में महिलाओं को ₹7000 प्रति माह का वजीफा मिलता है, बशर्ते कि वे साल में कम से कम 24 सक्रिय बीमा पॉलिसियां और ₹48,000 का न्यूनतम कमीशन लक्ष्य पूरा करें।
दूसरे वर्ष में ₹6000 प्रति माह का वजीफा दिया जाता है, इसके लिए पहले वर्ष की कम से कम 65 प्रतिशत पॉलिसियों का सक्रिय रहना जरूरी होता है।
तीसरे वर्ष में ₹5000 प्रति माह का वजीफा मिलता है, जिसके लिए दूसरे वर्ष की 65 प्रतिशत पॉलिसियां सक्रिय होनी चाहिए।
कमीशन और अतिरिक्त कमाई के अवसर
वजीफे के अलावा बीमा सखी को हर बेची गई पॉलिसी पर अलग से कमीशन भी मिलता है। यह कमीशन बिक्री के अनुसार बढ़ता रहता है।
एक सक्रिय बीमा सखी औसतन हर महीने ₹10,000 से ₹20,000 तक की कमाई कर सकती है। तीन वर्ष पूरे होने के बाद भी कमीशन मिलता रहता है, जिससे आय का स्रोत बना रहता है।
पांच साल का अनुभव पूरा करने के बाद महिलाओं को शिक्षु विकास अधिकारी जैसे उच्च पद के लिए भी अवसर मिल सकता है।
बीमा सखी योजना के अन्य लाभ
इस योजना के तहत महिलाओं को लचीला कार्य समय मिलता है, जिससे वे अपने परिवार और काम के बीच संतुलन बना सकती हैं। घर के आसपास काम करने की सुविधा भी महिलाओं के लिए बड़ा फायदा है।
इसके साथ ही समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता जैसे लाभ भी इस योजना से जुड़े हुए हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
बीमा सखी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 2026 में पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। आवेदन शुल्क कुल ₹650 रखा गया है, जिसमें एलआईसी शुल्क और परीक्षा शुल्क शामिल है।
आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बीमा सखी योजना के आवेदन लिंक पर क्लिक करना होता है। इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और संपर्क जानकारी भरनी होती है।
आधार कार्ड, दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र, पता प्रमाण, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।
चयन प्रक्रिया और परीक्षा
आवेदन के बाद महिलाओं को पूर्व-भर्ती परीक्षा देनी होती है। यह परीक्षा ऑनलाइन होती है और इसमें बीमा से जुड़ी बुनियादी जानकारी पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नजदीकी एलआईसी शाखा में साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन किया जाता है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद एजेंसी कोड जारी कर दिया जाता है।
बीमा सखी के रूप में सफल होने के टिप्स
बीमा सखी के रूप में सफल होने के लिए नियमित प्रयास और ईमानदारी जरूरी है। हर महीने कम से कम एक पॉलिसी बेचने का लक्ष्य पूरा करना वजीफा प्राप्त करने के लिए जरूरी होता है।
शुरुआत में अपने परिचितों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों से संपर्क करना मददगार साबित हो सकता है। डिजिटल माध्यमों और मोबाइल ऐप का सही उपयोग सीखना भी फायदेमंद होता है।
निष्कर्ष
Bima Sakhi Yojana 2026 महिलाओं के लिए रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का बेहतरीन अवसर है। ₹7000 की शुरुआती मासिक आय, प्रशिक्षण और कमीशन आधारित कमाई इसे एक मजबूत करियर विकल्प बनाती है।
जो महिलाएं घर के साथ-साथ अपनी पहचान बनाना चाहती हैं, उनके लिए बीमा सखी योजना एक सुनहरा मौका है। सही जानकारी और मेहनत के साथ इस योजना से महिलाएं अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं।












