School Winter Vacation Extended: देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय कड़ाके की सर्दी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। तापमान में लगातार गिरावट, शीतलहर और घने कोहरे के चलते लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। खासतौर पर उत्तर भारत के कई राज्यों में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 25 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया है। इस निर्णय से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
किन राज्यों में लागू हुआ छुट्टियों का फैसला
भीषण ठंड का असर उत्तर भारत के अनेक राज्यों में साफ नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने या छुट्टियां बढ़ाने का आदेश जारी किया है।
प्रशासन को क्यों लेना पड़ा यह निर्णय
स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का यह फैसला केवल औपचारिक कदम नहीं है, बल्कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। सर्दी के मौसम में खासकर छोटे बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। ठंडी हवाएं, कोहरा और कम तापमान बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक ठंड में बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इन्हीं वजहों से प्रशासन ने छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया।
किन कक्षाओं के लिए बंद रहेंगे स्कूल
अलग-अलग राज्यों और जिलों में छुट्टियों को लेकर अलग नियम लागू किए गए हैं। कई जगहों पर नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कुछ राज्यों में कक्षा 10 या 12 तक के छात्रों को भी छुट्टियों का लाभ दिया गया है। कुछ जिलों में केवल प्राथमिक स्कूल बंद हैं और उच्च कक्षाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पढ़ाई पर कम से कम असर पड़े और बच्चों की सुरक्षा भी बनी रहे।
ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प
स्कूल बंद होने के बावजूद शिक्षा विभाग पढ़ाई को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कई सरकारी और निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सुबह के बजाय दोपहर या शाम के समय ऑनलाइन क्लास आयोजित की जा रही हैं। हालांकि छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर अभिभावकों की राय बंटी हुई है। कुछ माता-पिता इसे उपयोगी मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए लंबे समय तक स्क्रीन पर पढ़ाई करना मुश्किल होता है।
अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया
छुट्टियों के ऐलान के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई माता-पिता का मानना है कि इस भीषण ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता था। वहीं छात्रों के लिए यह छुट्टियां किसी बोनस से कम नहीं हैं। बच्चे घर पर रहकर ठंड से बचाव कर पा रहे हैं, साथ ही परिवार के साथ समय भी बिता रहे हैं। हालांकि कुछ बड़े छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं को लेकर थोड़ी चिंता जरूर है, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें आश्वस्त किया है कि पढ़ाई की भरपाई कराई जाएगी।
क्या आगे भी बढ़ सकती हैं छुट्टियां
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का असर अभी बना रह सकता है। ऐसे में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर मौसम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। हालांकि इस पर अंतिम फैसला मौसम की समीक्षा और स्थानीय हालात को देखते हुए ही लिया जाएगा।
मौसम विभाग का ताजा हाल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में ठंडी हवाएं चल रही हैं। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है। इन परिस्थितियों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाना एक व्यावहारिक और जरूरी कदम माना जा रहा है।
स्कूलों के समय में किया गया बदलाव
जहां स्कूलों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, वहां समय में बदलाव किया गया है। कई जिलों में स्कूलों का समय सुबह 10 या 11 बजे से करने के आदेश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चे ठंड के सबसे ज्यादा प्रभाव वाले समय में घर से बाहर न निकलें। इस कदम से बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बोर्ड परीक्षाओं पर पड़ेगा क्या असर
छात्रों और अभिभावकों के मन में यह सवाल लगातार बना हुआ है कि छुट्टियों का बोर्ड परीक्षाओं पर क्या असर पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त कक्षाएं, रिवीजन सेशन और विशेष क्लास के माध्यम से सिलेबस पूरा कराया जाएगा, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत का रखें ध्यान
छुट्टियों के दौरान भी अभिभावकों को बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहना चाहिए। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, ठंडी हवा से बचाएं और ठंडा पानी पीने से परहेज कराएं। पौष्टिक और गर्म भोजन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। अगर बच्चे में सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर जनवरी की इस भीषण ठंड में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला समय की मांग और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। इससे न केवल छात्रों की सेहत सुरक्षित रहेगी, बल्कि अभिभावकों को भी मानसिक राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार आगे के फैसले लिए जाएंगे। तब तक छात्रों को चाहिए कि वे छुट्टियों का सही उपयोग करें, सेहत का ध्यान रखें और हल्की-फुल्की पढ़ाई से जुड़े रहें ताकि पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।










