Gold Price Today: भारत में सोना केवल एक धातु नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। सदियों से लोग इसे निवेश, गहनों और आपातकालीन वित्तीय सहारे के रूप में देखते आए हैं। जब भी महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार में अनिश्चितता का माहौल बनता है, तब सोना सबसे पहले निवेशकों की पसंद बनता है। यही कारण है कि आज भी सोने की कीमतों में हल्की गिरावट या स्थिरता की खबर आते ही बाजार में हलचल तेज हो जाती है।
हाल के दिनों में 24 कैरेट सोने की कीमतों में नरमी देखी गई है, जिससे उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है जो लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। खासकर शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम से पहले सोने के दामों में स्थिरता को अच्छा संकेत माना जा रहा है।
सोना क्यों माना जाता है सबसे सुरक्षित निवेश?
सोने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह समय के साथ अपनी कीमत को बनाए रखता है। कागजी मुद्रा की तुलना में सोना महंगाई से कम प्रभावित होता है। आर्थिक संकट, युद्ध, वैश्विक मंदी या राजनीतिक अस्थिरता जैसे हालातों में भी सोने की मांग बढ़ जाती है। यही वजह है कि निवेशक इसे “सेफ हेवन” यानी सुरक्षित निवेश का विकल्प मानते हैं।
भारत में तो सोने का सांस्कृतिक महत्व भी बेहद गहरा है। शादी, त्योहार, धार्मिक अनुष्ठान और पारिवारिक परंपराओं में सोने की अहम भूमिका होती है। ऐसे में जब कीमतों में गिरावट आती है, तो आम उपभोक्ता से लेकर बड़े निवेशक तक खरीदारी करने से पीछे नहीं हटते।
भारत में सोने की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में सोने के दाम कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों से प्रभावित होते हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही सोने की कीमतें होती हैं। यदि वैश्विक स्तर पर सोने के भाव बढ़ते हैं, तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई देता है।
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी भी सोने की कीमतों को प्रभावित करती है। डॉलर कमजोर होने पर आमतौर पर सोना महंगा होता है, जबकि डॉलर मजबूत होने पर सोने के दामों में दबाव देखा जाता है।
भारत के भीतर गहनों की मांग भी एक बड़ा कारण है। त्योहारों, अक्षय तृतीया, धनतेरस और शादी के सीजन में मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आ जाती है। वहीं ऑफ-सीजन में दाम स्थिर या थोड़े कम हो सकते हैं।
इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स, मेकिंग चार्ज, परिवहन लागत और स्थानीय मांग-आपूर्ति के कारण भी शहरवार कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
18 जनवरी 2026 को सोने के ताजा भाव
18 जनवरी 2026 को देश में सोने की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। अलग-अलग कैरेट के हिसाब से दाम इस प्रकार दर्ज किए गए:
24 कैरेट सोना, जिसे सबसे शुद्ध माना जाता है, लगभग ₹14,378 प्रति ग्राम के स्तर पर रहा।
22 कैरेट सोना, जो आमतौर पर गहनों में इस्तेमाल किया जाता है, लगभग ₹13,180 प्रति ग्राम पर उपलब्ध रहा।
18 कैरेट सोना, जो डिजाइनर ज्वेलरी में ज्यादा उपयोग होता है, करीब ₹10,784 प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोने की कीमतें रोजाना बदलती रहती हैं और इनमें हल्का-फुल्का अंतर संभव है।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों का हाल
भारत के अलग-अलग महानगरों में सोने के दाम लगभग समान रहे, हालांकि कुछ शहरों में मामूली अंतर देखने को मिला।
चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹14,487 प्रति ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोना करीब ₹13,280 प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और केरल जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹14,378 प्रति ग्राम के आसपास रहा।
दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ में कीमतें थोड़ी अधिक रहीं, जहां 24 कैरेट सोना लगभग ₹14,393 प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
अहमदाबाद और पटना जैसे शहरों में भी दाम लगभग इसी दायरे में रहे, हालांकि कुछ जगहों पर 18 कैरेट सोने के आंकड़ों में संभावित त्रुटि देखी गई।
कुल मिलाकर, देशभर में सोने की कीमतों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं रहा, जिससे खरीदारों को लगभग समान दरों पर सोना खरीदने का मौका मिला।
क्या आज सोने की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव हुआ?
अगर पिछले कुछ दिनों की तुलना की जाए, तो सोने के दामों में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है। 24 कैरेट सोने की कीमत आज भी लगभग उसी स्तर पर बनी हुई है, जिस पर यह एक दिन पहले थी। इसका मतलब यह है कि बाजार फिलहाल स्थिर स्थिति में है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिरता निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह सही समय माना जा सकता है।
चांदी के ताजा भाव भी जानें
सोने के साथ-साथ चांदी भी भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय धातु है। निवेश और औद्योगिक उपयोग दोनों ही क्षेत्रों में इसकी मांग बनी रहती है। वर्तमान में चांदी की कीमत लगभग ₹295 प्रति ग्राम के आसपास चल रही है, जबकि ₹2,95,000 प्रति किलोग्राम के करीब इसका भाव दर्ज किया गया है।
चांदी की कीमतें भी अंतरराष्ट्रीय बाजार, औद्योगिक मांग और आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और निर्माण उद्योग में इसके उपयोग के कारण चांदी के दामों में अक्सर उतार-चढ़ाव देखा जाता है।
क्या अभी सोने में निवेश करना समझदारी होगी?
यदि आप लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहते हैं, तो सोना आज भी एक मजबूत विकल्प माना जाता है। मौजूदा समय में कीमतों की स्थिरता यह संकेत देती है कि बाजार में ज्यादा जोखिम नहीं है। हालांकि, अल्पकालिक निवेश करने वालों को बाजार के रुझान पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जरूरतों और लक्ष्य को समझना जरूरी है। इसके साथ ही किसी वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
सोने की कीमतों में आई हालिया नरमी और स्थिरता ने खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए राहत की खबर दी है। चाहे आप गहनों के लिए सोना खरीदना चाहते हों या भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश की तलाश में हों, मौजूदा समय को एक अच्छे अवसर के रूप में देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के अनुसार कीमतों में बदलाव संभव है, इसलिए बाजार पर नजर बनाए रखना हमेशा समझदारी भरा कदम होगा।









