School College Holiday: देश के कई हिस्सों में जनवरी के मध्य तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। उत्तर भारत के अनेक राज्यों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे सुबह और रात के समय हालात अधिक कठिन हो गए हैं। कम विजिबिलिटी, शीतलहर और ठंड से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने स्कूल-कॉलेजों को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं।
इन हालातों के बीच कुछ जिलों में 16 से 20 जनवरी 2026 तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला हर जगह एक जैसा नहीं है, बल्कि स्थानीय मौसम, धार्मिक आयोजनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के आधार पर जिला स्तर पर लिया गया है। अभिभावकों और छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह आदेश किन क्षेत्रों में लागू है और किन जगहों पर स्कूल खुलने की संभावना बनी हुई है।
ठंड और कोहरे का बढ़ता असर क्यों बना वजह
जनवरी के दूसरे पखवाड़े में ठंड का असर आमतौर पर चरम पर होता है। इस बार कई राज्यों में शीतलहर लंबे समय तक बनी रहने की चेतावनी जारी की गई है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति खासतौर पर जोखिमभरी मानी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक ठंड में बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं जल्दी घेर सकती हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक घना कोहरा भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। सड़कों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद रखने या उनके समय में बदलाव करने जैसे कदम उठाए हैं।
प्रयागराज में स्नान पर्व के चलते 16 से 20 जनवरी तक अवकाश
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जनवरी के तीसरे सप्ताह में बड़े धार्मिक आयोजनों का आयोजन होता है। मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान शहर में भारी भीड़, ट्रैफिक दबाव और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियां बढ़ जाती हैं।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 16 से 20 जनवरी 2026 तक कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को भीड़भाड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण किसी तरह की परेशानी न हो। कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी स्थानीय स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं।
अन्य राज्यों में छुट्टियों की स्थिति
हर राज्य और जिला अपने स्थानीय हालात के अनुसार निर्णय ले रहा है। इसी कारण छुट्टियों की अवधि और दायरा अलग-अलग है।
उत्तर प्रदेश के अन्य जिले
प्रयागराज के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों में भी ठंड के आधार पर छुट्टियों को आगे बढ़ाने की संभावना जताई गई है। हालांकि इन जिलों में अंतिम फैसला मौसम की स्थिति और जिला प्रशासन की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
चंडीगढ़
चंडीगढ़ प्रशासन ने भीषण ठंड को देखते हुए स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियों को बढ़ाया है। कुछ स्कूलों में छुट्टियां 17 जनवरी तक घोषित की गई हैं, जबकि रविवार और स्थानीय अवकाश के कारण कई जगह स्कूल 19 जनवरी के आसपास खुलने की संभावना है।
तमिलनाडु
दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत अलग रहता है, लेकिन तमिलनाडु में जनवरी के मध्य में पोंगल का त्योहार मनाया जाता है। इस अवसर पर 16 और 17 जनवरी को स्कूलों और कॉलेजों में सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। यह छुट्टी मौसम की बजाय सांस्कृतिक और पारंपरिक कारणों से जुड़ी है।
हरियाणा
हरियाणा सरकार ने पहले ही 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया था। अब मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के चलते छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
दिल्ली
दिल्ली के स्कूलों में विंटर वेकेशन 15 जनवरी तक निर्धारित था। 16 जनवरी से स्कूल खुलने की संभावना जताई गई है, लेकिन प्रशासन मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि ठंड और कोहरा इसी तरह बना रहता है, तो स्कूल टाइमिंग में बदलाव या छुट्टियों के विस्तार का फैसला लिया जा सकता है।
स्कूल खुलने पर समय में बदलाव
जहां स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं, वहां समय-सारणी में बदलाव किया गया है। कई जिलों में स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रखा गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को सुबह की अत्यधिक ठंड और कोहरे से बचाना है। यह व्यवस्था विशेष रूप से प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के छात्रों के लिए लागू की गई है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जारी किए गए आदेश सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे। किसी भी स्कूल द्वारा आदेशों की अनदेखी किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से जुड़े आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट या नोटिस बोर्ड की नियमित जांच करते रहें।
ठंड के इस मौसम में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाना, सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचाना और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। यदि स्कूल ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प देता है, तो उसका सही तरीके से उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
16 से 20 जनवरी 2026 तक स्कूल-कॉलेज बंद रहने की खबर पूरे देश के लिए एकसमान नहीं है। यह निर्णय मुख्य रूप से कुछ विशेष जिलों और राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लिया गया है। प्रयागराज में धार्मिक आयोजनों और भीड़ के कारण यह आदेश स्पष्ट रूप से लागू किया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम की स्थिति के अनुसार छुट्टियों का विस्तार या स्कूल टाइमिंग में बदलाव किया जा रहा है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही निर्णय लें। स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन द्वारा जारी अपडेट ही अंतिम और मान्य माने जाएंगे।










