School Holiday News 2026: साल 2026 की सर्दी इस बार सामान्य से कहीं अधिक कड़ी साबित हो रही है। देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिरा है, घना कोहरा और ठंडी हवाएं आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। खासकर बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों की सर्दियों की छुट्टियों में 10 दिन का अतिरिक्त विस्तार किया गया है। यह निर्णय छात्रों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है और अभिभावकों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है।
यह अवकाश विस्तार केवल औपचारिक फैसला नहीं, बल्कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए एक आवश्यक कदम है। अत्यधिक ठंड में बच्चों का स्कूल जाना न केवल मुश्किल हो जाता है, बल्कि इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
सर्दियों की छुट्टियों का विस्तार क्यों जरूरी हुआ
उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान शून्य डिग्री के आसपास या उससे नीचे तक पहुंच गया है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा दृश्यता को कम कर देता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। छोटे बच्चों के लिए ऐसे हालात में स्कूल जाना सुरक्षित नहीं माना गया।
शिक्षा विभाग और मौसम विभाग की रिपोर्ट्स के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि नियमित कक्षाएं जारी रखना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के मामले बढ़ने की आशंका को देखते हुए छुट्टियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे सुरक्षित रहें और ठंड से जुड़ी बीमारियों से बच सकें।
किन स्तरों पर लागू होगा यह फैसला
यह विस्तारित विंटर वेकेशन प्राथमिक कक्षाओं से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू किया गया है। यानी कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्र इस अतिरिक्त छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही कई राज्यों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी इसी दिशा-निर्देश का पालन करने को कहा गया है।
कुछ उच्च शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प रखा गया है, ताकि पढ़ाई पूरी तरह बाधित न हो। हालांकि, छोटे बच्चों के लिए मुख्य रूप से पूर्ण अवकाश ही प्राथमिकता में रखा गया है।
प्रभावित राज्य और अवकाश की नई तिथियां
उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस फैसले का सीधा असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में स्कूलों को 10 जनवरी से 20 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। बिहार में पहले घोषित अवकाश को बढ़ाकर 15 जनवरी तक कर दिया गया है। दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में 18 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे ठंडे इलाकों में पहले से ही सर्दियों की छुट्टियां लंबी होती हैं, लेकिन इस बार वहां भी अवधि को और आगे बढ़ाया गया है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और आसपास के अन्य राज्यों में भी इसी तरह के आदेश जारी किए गए हैं। कुल मिलाकर 10 से अधिक राज्यों में यह व्यवस्था लागू की गई है।
दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य होने के कारण यह निर्णय लागू नहीं किया गया है। मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन को मौसम के अनुसार फैसला लेने की छूट दी गई है।
पात्रता: किन छात्रों को मिलेगा लाभ
इस अतिरिक्त अवकाश का लाभ सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को मिलेगा। कॉलेज स्तर पर स्नातक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को भी कई जगहों पर इस फैसले में शामिल किया गया है।
दिव्यांग बच्चों के लिए यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ठंड और फिसलन उनके लिए अधिक जोखिम भरी हो सकती है। इस योजना में किसी प्रकार की आयु सीमा, आय आधारित शर्त या अन्य पात्रता मानदंड तय नहीं किए गए हैं।
छात्रों और परिवारों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
अतिरिक्त छुट्टी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बच्चे अत्यधिक ठंड से सुरक्षित रहेंगे। सर्दी के मौसम में होने वाली आम बीमारियों जैसे जुकाम, खांसी, गले में संक्रमण और बुखार से बचाव संभव हो सकेगा। इसके साथ ही सुबह-सुबह ठंड में स्कूल जाने की मजबूरी खत्म होने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक तनाव भी कम होगा।
इस अवधि में बच्चे घर पर रहकर परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। अभिभावकों को भी यह संतोष रहेगा कि उनके बच्चे सुरक्षित वातावरण में हैं। कई स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लासेस और असाइनमेंट्स की व्यवस्था की गई है, जिससे पढ़ाई पूरी तरह रुक न जाए।
दस्तावेज और औपचारिक प्रक्रिया
इस अवकाश विस्तार के लिए अभिभावकों या छात्रों को किसी प्रकार का आवेदन देने की आवश्यकता नहीं है। स्कूलों को केवल संबंधित सरकारी नोटिफिकेशन की प्रति अपने रिकॉर्ड में रखनी होती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल की डायरी, मैसेज ग्रुप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपडेट लेते रहें।
यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी के बाद भी स्कूल आने में परेशानी हो, तो मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर अतिरिक्त अवकाश दिया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया को सरल और परेशानी मुक्त रखा गया है।
विशेष निर्देश और सावधानियां
दिव्यांग बच्चों के लिए कई राज्यों में स्कूल बस सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि छुट्टियों के दौरान परिसर की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन पर ध्यान दें।
शिक्षकों को घर से मूल्यांकन कार्य और ऑनलाइन सहयोग देने के लिए कहा गया है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, पौष्टिक भोजन दें और दिनचर्या बनाए रखने में मदद करें। हल्का व्यायाम, योग और फल-सब्जियों का सेवन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगा।
निष्कर्ष
स्कूल विंटर वेकेशन 2026 का यह विस्तारित फैसला छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उत्तर भारत के राज्यों में 10 दिन की अतिरिक्त छुट्टी से न केवल बच्चों को राहत मिली है, बल्कि अभिभावक भी चिंता मुक्त महसूस कर रहे हैं। बिना किसी आवेदन प्रक्रिया के सभी पात्र छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं।
जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक इस तरह के फैसले बच्चों के भविष्य और भलाई के लिए जरूरी हैं। पढ़ाई और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखते हुए यह निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है।














