School Holiday Update: नए साल की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी, शीतलहर और घने कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे माहौल में स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए छुट्टियों की खबरें हमेशा उत्सुकता बढ़ा देती हैं। इन दिनों सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा तेजी से फैल रहा है कि 24 जनवरी से 28 जनवरी तक लगातार पांच दिन स्कूल बंद रहेंगे। इस खबर ने बच्चों में खुशी और माता-पिता में असमंजस दोनों पैदा कर दिया है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि यह दावा किस हद तक सही है, छुट्टियों का वास्तविक गणित क्या कहता है और किन परिस्थितियों में स्कूल बंद किए जा सकते हैं।
जनवरी के आखिरी सप्ताह में छुट्टियों का गणित
जनवरी का महीना त्योहारों और राष्ट्रीय पर्वों के लिहाज से खास माना जाता है। महीने के अंतिम सप्ताह में कुछ ऐसे दिन आते हैं जिनके कारण अवकाशों की संभावना स्वाभाविक रूप से बनती है। यही वजह है कि 24 से 28 जनवरी के बीच लगातार छुट्टियों की चर्चा हो रही है।
23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। कई राज्यों और स्कूलों में इसे अवकाश के रूप में मान्यता दी जाती है, हालांकि कई जगह यह केवल प्रतिबंधित अवकाश होता है। इसके बाद 24 जनवरी शनिवार पड़ता है, जो कुछ स्कूलों में चौथा शनिवार होने के कारण छुट्टी का दिन हो सकता है। 25 जनवरी रविवार है, जो साप्ताहिक अवकाश के रूप में पहले से तय होता है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश रहता है।
इन तय छुट्टियों को जोड़कर यह माना जा रहा है कि बच्चों को लंबा ब्रेक मिल सकता है। हालांकि 27 और 28 जनवरी को छुट्टी होगी या नहीं, यह पूरी तरह अलग-अलग राज्यों और जिलों के निर्णय पर निर्भर करता है।
क्या वास्तव में पांच दिन बंद रहेंगे स्कूल?
सबसे अहम सवाल यही है कि क्या देशभर में 24 से 28 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसका सीधा जवाब है—नहीं। पूरे भारत के लिए ऐसा कोई एक समान या केंद्रीय आदेश जारी नहीं किया गया है। जिन छुट्टियों की पुष्टि होती है, वे आमतौर पर रविवार और राष्ट्रीय अवकाश तक सीमित रहती हैं।
24 जनवरी को छुट्टी होना स्कूल के अपने कैलेंडर पर निर्भर करता है। कुछ सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में चौथा शनिवार अवकाश का दिन होता है, जबकि कई निजी स्कूलों में उस दिन नियमित कक्षाएं चलती हैं। इसी तरह 27 या 28 जनवरी को छुट्टी तभी घोषित की जाती है जब स्थानीय प्रशासन मौसम की गंभीरता को देखते हुए विशेष आदेश जारी करे।
ठंड, कोहरा और शीतलहर की भूमिका
उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और आसपास के इलाकों में सर्दियों के दौरान घना कोहरा और शीतलहर आम समस्या है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों के लिए सुबह जल्दी स्कूल जाना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जोखिम भरा हो सकता है।
इसी कारण जिलाधिकारी को यह अधिकार दिया गया है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव करें या अस्थायी रूप से अवकाश घोषित करें। कई बार अत्यधिक ठंड पड़ने पर प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूल बंद कर दिए जाते हैं, जबकि उच्च कक्षाओं के लिए समय में परिवर्तन किया जाता है।
राज्यवार छुट्टियों का अलग-अलग नियम
भारत में शिक्षा राज्य का विषय है, इसलिए हर राज्य का अपना शैक्षणिक कैलेंडर और अवकाश नीति होती है। उत्तर भारत के राज्यों में जहां सर्दी अधिक होती है, वहां शीतकालीन अवकाश या अतिरिक्त छुट्टियों की संभावना रहती है। इसके विपरीत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहता है, इसलिए वहां इस तरह की छुट्टियां कम देखने को मिलती हैं।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर ही कोई निर्णय लेते हैं। निजी स्कूलों के मामले में स्कूल प्रबंधन को भी यह अधिकार होता है कि वे स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए छुट्टी घोषित करें या ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करें।
सोशल मीडिया की खबरों से सावधान रहें
आज के डिजिटल दौर में किसी भी खबर के वायरल होने में देर नहीं लगती। कई बार अधूरी या गलत जानकारी भी तेजी से फैल जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। 24 से 28 जनवरी तक लगातार पांच दिन स्कूल बंद रहने की खबर भी इसी तरह की चर्चाओं का नतीजा है।
अभिभावकों को चाहिए कि वे केवल सोशल मीडिया पोस्ट या व्हाट्सएप फॉरवर्ड पर भरोसा न करें। स्कूल की आधिकारिक सूचना, नोटिस बोर्ड, स्कूल ऐप या स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आदेश ही अंतिम और मान्य होते हैं।
बच्चों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
छुट्टियों की संभावना सुनकर बच्चे भले ही उत्साहित हों, लेकिन यह समय पढ़ाई के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होता है, खासकर उन छात्रों के लिए जिनकी बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। लंबे अवकाश के दौरान पढ़ाई से पूरी तरह दूर हो जाना नुकसानदायक हो सकता है।
अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की दिनचर्या संतुलित रखें। थोड़ी पढ़ाई, थोड़ा आराम और स्वास्थ्य का ध्यान—इन तीनों का सही तालमेल जरूरी है। यदि स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं या होमवर्क देता है, तो बच्चों को उसमें नियमित रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें।
निष्कर्ष: छुट्टी तभी मानें जब आदेश आए
संक्षेप में कहा जाए तो 24 से 28 जनवरी तक पूरे देश में स्कूल बंद रहने का कोई पुख्ता और सार्वभौमिक आदेश नहीं है। 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की छुट्टी तय है, जबकि बाकी दिनों का फैसला स्थानीय परिस्थितियों और प्रशासनिक आदेशों पर निर्भर करता है।
इसलिए किसी भी तरह की अंतिम योजना बनाने से पहले अपने स्कूल या जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है। अफवाहों से दूर रहें, सही जानकारी पर भरोसा करें और बच्चों की सुरक्षा व पढ़ाई दोनों को प्राथमिकता दें।











