School Winter Holidays 2026: जनवरी का महीना आते ही देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम और त्योहारों का प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिलता है। इस समय ठंड, कोहरा और शीतलहर के कारण जहां सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है, वहीं स्कूलों की छुट्टियों को लेकर भी लगातार नए आदेश जारी किए जाते हैं। खासतौर पर उत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में इस दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजरें स्कूल अवकाश से जुड़ी सूचनाओं पर टिकी रहती हैं। इसी कड़ी में जनवरी के मध्य में कुछ राज्यों में स्कूलों को लगातार चार दिनों तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।
इस साल भी मकर संक्रांति, पोंगल और भोगी जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ-साथ ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए कई राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। कुछ जगहों पर पहले से चल रही शीतकालीन छुट्टियों को आगे बढ़ाया गया है, जिससे बच्चों को बिना किसी रुकावट के लंबा ब्रेक मिल रहा है। यह फैसला मुख्य रूप से छात्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मौसम की गंभीर परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
त्योहारों और ठंड के कारण बढ़ी स्कूल छुट्टियां
जनवरी के दूसरे सप्ताह से ही देश में त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है। उत्तर भारत में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है, जबकि दक्षिण भारत में पोंगल को बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इन त्योहारों के दौरान पारिवारिक और सामाजिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में स्कूलों में अवकाश देना परंपरा का हिस्सा बन चुका है।
इसके अलावा कई राज्यों में घना कोहरा, अत्यधिक ठंड और शीतलहर जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। सुबह और देर शाम के समय दृश्यता कम होने से बच्चों के स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। इसी वजह से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। पहले ही 13 और 14 जनवरी को कई राज्यों में छुट्टियां घोषित की जा चुकी थीं, और अब त्योहारों के चलते यह अवकाश और बढ़ गया है।
15 जनवरी को कहां-कहां रहेंगे स्कूल बंद
15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन न सिर्फ शैक्षणिक संस्थान बल्कि कई सरकारी कार्यालय भी बंद रहते हैं। कुछ जिलों में ठंड की स्थिति गंभीर होने के कारण पहले से ही स्कूलों में कक्षाएं स्थगित की गई थीं, जिससे छात्रों को अतिरिक्त राहत मिली है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी सर्दियों की छुट्टियों को लेकर अहम फैसला लिया गया है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के कई हिस्सों में स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय पहले ही किया जा चुका था। हालांकि, मौसम की स्थिति सामान्य रहने पर 16 जनवरी से स्कूल दोबारा खुलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने स्कूलों से ताजा जानकारी जरूर प्राप्त करें।
इन राज्यों में छात्रों को मिलेंगी लगातार चार दिन की छुट्टियां
कुछ राज्यों में इस बार छात्रों को लगातार चार दिनों का अवकाश मिलने वाला है, जो पढ़ाई के बीच एक अच्छा ब्रेक माना जा रहा है। चंडीगढ़ में शीतकालीन छुट्टियों को 17 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। इसके बाद 18 जनवरी को रविवार पड़ने के कारण स्कूल सीधे 19 जनवरी से खुलेंगे। इस तरह यहां विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के चार दिन की छुट्टी मिलेगी।
दक्षिण भारत की बात करें तो यहां पोंगल पर्व के चलते लंबा अवकाश घोषित किया गया है। तमिलनाडु में 15, 16 और 17 जनवरी को पोंगल और उससे जुड़े पर्वों के कारण सरकारी छुट्टियां रहती हैं। इसके बाद 18 जनवरी रविवार होने से स्कूल लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे। यह अवकाश न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों के लिए भी राहत भरा माना जा रहा है।
पोंगल पर्व का स्कूल छुट्टियों से गहरा संबंध
पोंगल दक्षिण भारत का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है, जिसे आमतौर पर चार दिनों तक मनाया जाता है। यह पर्व फसल कटाई और सूर्य देव की आराधना से जुड़ा होता है। पोंगल के चारों दिन अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं, जिनमें भोगी पोंगल, सूर्य पोंगल, मट्टू पोंगल और कानूम पोंगल शामिल हैं।
इन दिनों में परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रखा जाता है। तमिलनाडु और आसपास के राज्यों में हर साल जनवरी के महीने में स्कूलों को लंबी छुट्टियां दी जाती हैं, ताकि बच्चे अपने परिवार के साथ पर्व का आनंद उठा सकें। यही कारण है कि इस समय दक्षिण भारत में स्कूल कई दिनों तक बंद रहते हैं।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी जानकारी
स्कूल छुट्टियों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर कई तरह की अफवाहें फैल जाती हैं, जिससे अभिभावक और छात्र भ्रमित हो सकते हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि लोग केवल स्कूल प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी या आधिकारिक सरकारी आदेशों पर ही भरोसा करें।
अगर किसी क्षेत्र में मौसम की स्थिति और अधिक खराब होती है, तो स्थानीय प्रशासन छुट्टियों की अवधि को आगे भी बढ़ा सकता है। इसलिए स्कूल खुलने की तारीख को लेकर अंतिम और सही जानकारी स्कूल प्रबंधन से ही प्राप्त करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। यह सभी छुट्टियां बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दी जा रही हैं, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई जारी रख सकें और मौसम से जुड़ी परेशानियों से बच सकें।
इस तरह जनवरी के मध्य में ठंड और त्योहारों के मेल ने कई राज्यों में छात्रों को लंबा अवकाश दिया है, जो न सिर्फ आराम के लिए बल्कि मानसिक रूप से तरोताजा होने के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।










