School Winter Vacation Extended: जनवरी के आते ही देश के कई हिस्सों में ठंड ने अपना असर और तेज कर दिया है। खासतौर पर उत्तर भारत के राज्यों में शीतलहर, गिरता तापमान और घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों का रोजाना स्कूल आना-जाना सुरक्षित नहीं माना जा रहा। इसी वजह से कई राज्यों और जिलों में स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
प्रशासन की सख्ती, बच्चों की सेहत से नहीं होगा समझौता
राज्य सरकारों और जिला प्रशासन का साफ संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कई जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव, ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था या फिर छुट्टियों को बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में जिलेवार फैसले, हर जगह अलग स्थिति
उत्तर प्रदेश में मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को निर्णय लेने की छूट दी गई है। यही कारण है कि अलग-अलग जिलों में अलग आदेश देखने को मिल रहे हैं। कहीं अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण स्कूल बंद रखे गए हैं, तो कहीं स्थानीय आयोजनों और भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों में विस्तार किया गया है। इन फैसलों का असर सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों पर समान रूप से पड़ रहा है।
प्रयागराज में 20 जनवरी तक स्कूल बंद
प्रयागराज जिले में प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों को 20 जनवरी तक बढ़ाने का आदेश जारी किया है। इस समय यहां माघ मेले का आयोजन चल रहा है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़, यातायात दबाव और कड़ाके की ठंड को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन का मानना है कि इस अवधि में बच्चों का नियमित रूप से स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। ठंड के साथ-साथ शहर में बढ़ी भीड़ भी एक अहम वजह है। इसलिए सरकारी और निजी, दोनों श्रेणियों के स्कूलों पर यह आदेश लागू किया गया है।
चंडीगढ़ में 19 जनवरी से स्कूल खोलने की तैयारी
चंडीगढ़ में भी शीतलहर का असर बना हुआ है। यहां पहले सर्दियों की छुट्टियां 17 जनवरी तक घोषित की गई थीं। चूंकि 18 जनवरी को रविवार है, इसलिए प्रशासन ने 19 जनवरी से स्कूल दोबारा खोलने का फैसला लिया है।
हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है या कोहरा और ठंड बढ़ती है, तो आगे भी छुट्टियों को लेकर नया निर्णय लिया जा सकता है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल प्रशासन से नियमित संपर्क में रहें।
दिल्ली और हरियाणा में पहले से घोषित विंटर वेकेशन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा में सर्दियों की छुट्टियां पहले ही घोषित की जा चुकी हैं। दोनों राज्यों में 15 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। दिल्ली में लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
हरियाणा में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। यहां उम्मीद की जा रही है कि 16 जनवरी से स्कूल खुल सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
त्योहारों के कारण भी कई राज्यों में अवकाश
उत्तर भारत के अलावा कुछ राज्यों में त्योहारों की वजह से भी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं। गुजरात में उत्तरायण पर्व के अवसर पर 15 जनवरी तक स्कूल बंद रखे गए हैं। इस दौरान पतंग महोत्सव और पारंपरिक कार्यक्रमों में बच्चे और परिवार बड़े उत्साह से हिस्सा लेते हैं।
वहीं तमिलनाडु में पोंगल पर्व के चलते 17 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यह दक्षिण भारत का प्रमुख त्योहार है और इसकी छुट्टियां पहले से तय होती हैं, हालांकि मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखा गया है।
अभिभावकों और छात्रों में बना रहता है भ्रम
लगातार बदलते आदेशों और अलग-अलग जिलों में अलग फैसलों की वजह से छात्रों और माता-पिता के बीच असमंजस की स्थिति बनी रहती है। कभी छुट्टियां बढ़ जाती हैं, तो कभी अचानक स्कूल खोलने की सूचना आ जाती है। ऐसे में कई अभिभावक यह तय नहीं कर पाते कि बच्चों को स्कूल भेजना सही होगा या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है। पढ़ाई महत्वपूर्ण है, लेकिन स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता।
सही और भरोसेमंद जानकारी कहां से लें
स्कूलों की छुट्टियों से जुड़ी सबसे सटीक जानकारी स्कूल प्रशासन, जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस से ही मिलती है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली खबरें कई बार अधूरी या भ्रामक हो सकती हैं, जिससे परेशानी बढ़ती है।
अभिभावकों को चाहिए कि वे स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप, नोटिस बोर्ड या आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।
आने वाले दिनों का मौसम और संभावित फैसले
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में मौसम में सुधार होगा, वहां चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने का फैसला लिया जा सकता है।
सरकार और प्रशासन की कोशिश यही है कि बच्चों की पढ़ाई पर कम से कम असर पड़े और उनकी सेहत पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए हर दिन स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
निष्कर्ष
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के इस दौर में स्कूलों की छुट्टियों को बढ़ाने का फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी माना जा रहा है। हालांकि अलग-अलग राज्यों और जिलों में हालात अलग हैं, इसलिए निर्णय भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लिए जा रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दें।














