Weather Update 2026: उत्तर भारत में सर्दी फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं है। मौसम के संकेत बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में ठंड एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखा सकती है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसका असर तापमान, दृश्यता और दैनिक गतिविधियों पर साफ दिखाई देगा। जिन लोगों को लगा था कि जनवरी के आख़िरी सप्ताह में सर्दी ढीली पड़ेगी, उन्हें अभी थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है।
सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ, बदलेगा मौसम का रुख
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक नया और ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के सक्रिय होते ही हवाओं की दिशा और नमी में बदलाव देखने को मिलेगा। नतीजतन, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश तथा कोहरे की स्थिति बन सकती है। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और ठंड की तीव्रता बढ़ेगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का तेज़ दौर
हिमालयी राज्यों में पहले से ही सर्दी अपने चरम पर है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में इसके और तेज़ होने की संभावना है। पहाड़ों पर स्थित प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह के बाद बर्फबारी की तीव्रता बढ़ सकती है, खासकर ऊंचे और दुर्गम क्षेत्रों में।
यात्रा और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर
भारी हिमपात के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और कई मार्ग अस्थायी रूप से बंद होने की आशंका है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है। ठंड और बर्फबारी के चलते बिजली, पानी और संचार सेवाओं पर भी दबाव पड़ सकता है।
मैदानी इलाकों में कोहरा और हल्की बारिश
उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में सुबह और देर रात घने कोहरे का असर लगातार देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। दृश्यता कम होने से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। कई जगहों पर ट्रेनें देरी से चल सकती हैं और उड़ानों के समय में बदलाव संभव है।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्र
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इसके आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। यह बारिश भले ही बहुत ज़्यादा न हो, लेकिन इससे ठंड में इज़ाफ़ा तय माना जा रहा है। दिन के समय तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जबकि रातें और ज़्यादा सर्द हो सकती हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार में शीतलहर की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में शीतलहर जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत हैं। ठंडी हवाओं और कम तापमान के कारण लोगों को खास सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी। सुबह-शाम घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और बुज़ुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
बिहार में भी घने कोहरे के चलते दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है। धूप की कमी के कारण ठंड का असर लंबे समय तक बना रह सकता है, जिससे दैनिक कामकाज में परेशानी बढ़ेगी।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम करवट ले सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। आमतौर पर अपेक्षाकृत शुष्क रहने वाले इन क्षेत्रों में अचानक बढ़ी ठंड लोगों को हैरान कर सकती है।
ठंड बढ़ने से स्वास्थ्य पर प्रभाव
बारिश और ठंडी हवाओं के मेल से सर्दी-जुकाम, खांसी और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों का सुझाव है कि इस मौसम में शरीर को गर्म रखें, पर्याप्त तरल पदार्थ लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले उपाय अपनाएं।
20 से 26 जनवरी तक कैसा रहेगा हाल?
मौसम के मौजूदा रुझानों के अनुसार, 20 से 26 जनवरी के बीच उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश तथा कोहरे की स्थिति बन सकती है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन कुल मिलाकर ठंड का असर ज़्यादा महसूस होगा।
सावधानी और तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव
इस बदलते मौसम के बीच सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है। यात्रा की योजना बनाते समय मौसम अपडेट पर नज़र रखें। खुले में काम करने वालों और कार्यक्रमों का आयोजन करने वालों को ठंड और बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर आवश्यक इंतज़ाम करने चाहिए। गर्म कपड़े, अलाव या हीटर का सुरक्षित उपयोग और बुज़ुर्गों की विशेष देखभाल इस समय अहम हो जाती है।
निष्कर्ष
जनवरी का यह दौर उत्तर भारत के लिए एक बार फिर कड़ाके की ठंड और मौसम की मार लेकर आ रहा है। बारिश, बर्फबारी, कोहरा और शीतलहर—ये सभी मिलकर जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और खुद को सुरक्षित रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा। ठंड से बचाव और सतर्कता के साथ ही इस मौसम को पार किया जा सकता है।









