Winter Vacation Extended: उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। तापमान में अचानक आई गिरावट ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह और देर रात ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है, वहीं घना कोहरा सड़कों पर दृश्यता को काफी कम कर रहा है। इन हालात में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई राज्य सरकारों ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने या स्कूल संचालन के समय में बदलाव करने का फैसला लिया है।
उत्तर भारत में ठंड ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में लगातार शीतलहर का प्रभाव बना हुआ है। दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद सुबह और शाम ठंड से राहत नहीं मिल रही। छोटे बच्चों के लिए इस मौसम में स्कूल जाना जोखिम भरा माना जा रहा है। कई जगहों से बच्चों के सर्दी, खांसी और बुखार से बीमार होने की खबरें भी सामने आई हैं। इन्हीं कारणों से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने, छुट्टियां बढ़ाने या समय में बदलाव जैसे कदम उठाए हैं।
हरियाणा में 21 जनवरी तक बढ़ा शीतकालीन अवकाश
हरियाणा सरकार ने ठंड की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश को 21 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया है। पहले यह अवकाश 15 जनवरी तक निर्धारित था, लेकिन मौसम के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने छुट्टियां आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जब तक ठंड का प्रकोप कम नहीं होता, तब तक बच्चों को स्कूल बुलाना सुरक्षित नहीं है।
10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को पूरी तरह से छुट्टी नहीं दी गई है। इन कक्षाओं के लिए स्कूल सीमित समय के लिए खोले जाएंगे। पढ़ाई का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखा गया है, ताकि छात्र अत्यधिक ठंड के समय घर से बाहर न निकलें और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो।
पंजाब में कक्षा 1 से 8 तक छुट्टियां बढ़ीं
पंजाब में भी ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। पहले यहां शीतकालीन अवकाश 13 जनवरी तक घोषित किया गया था, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर 21 जनवरी कर दिया है। यह फैसला कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगा।
कक्षा 9 से 12 के लिए अलग निर्देश
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए पहले से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूल खोले जाएंगे। हालांकि इन कक्षाओं के समय में भी जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों की सेहत सर्वोपरि है और यदि ठंड का असर और बढ़ता है तो आगे भी निर्णय बदला जा सकता है।
बिहार में छुट्टियों के बजाय बदला गया स्कूल समय
बिहार सरकार ने शीतकालीन अवकाश को आगे बढ़ाने का फैसला नहीं लिया है, लेकिन यहां स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 16 जनवरी से स्कूल दोबारा खोले जाएंगे, लेकिन कक्षाएं सामान्य समय से देर से शुरू होंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड से बचाना है।
अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पूरी तैयारी के साथ स्कूल भेजें। गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने पहनाकर ही बच्चों को बाहर भेजने की हिदायत दी गई है। प्रशासन का मानना है कि समय में बदलाव से बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में स्थिति पर लगातार नजर
उत्तर प्रदेश में फिलहाल पूरे राज्य के लिए शीतकालीन अवकाश बढ़ाने को लेकर कोई एकीकृत आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने अपने स्तर पर छुट्टियां बढ़ाने या स्कूल समय बदलने के आदेश दिए हैं। नोएडा और गौतम बुद्ध नगर जैसे जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल कुछ दिनों के लिए बंद रखे गए थे।
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले गए हैं, लेकिन उनके समय में बदलाव किया गया है। इसके अलावा मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया, जिससे छात्रों को एक अतिरिक्त दिन की राहत मिली। यदि ठंड का असर आगे भी बना रहता है, तो आने वाले दिनों में नया आदेश जारी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
दिल्ली और एनसीआर में क्या है स्थिति
दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी ठंड का असर बना हुआ है। यहां स्कूलों की छुट्टियों को लेकर अंतिम फैसला स्थानीय शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर छोड़ा गया है। कई निजी स्कूलों ने अपने स्तर पर ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखी हैं, जबकि कुछ स्कूलों ने बच्चों को अस्थायी राहत देते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
दक्षिण भारत में त्योहारों के कारण अवकाश
जहां उत्तर भारत में ठंड की वजह से स्कूल बंद हैं, वहीं दक्षिण भारत में त्योहारों के कारण छात्रों को लंबा अवकाश मिल रहा है। तमिलनाडु में पोंगल पर्व के अवसर पर 15, 16 और 17 जनवरी को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। 18 जनवरी को रविवार होने के कारण छात्रों को लगातार चार दिनों की छुट्टियां मिल रही हैं।
इसके अलावा केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी स्थानीय त्योहारों और क्षेत्रीय अवकाशों के चलते स्कूलों में छुट्टियां देखी जा रही हैं। हालांकि इन राज्यों में ठंड का प्रभाव उत्तर भारत जितना गंभीर नहीं है।
18 जनवरी तक कई राज्यों में स्कूल बंद
कुल मिलाकर देश के कई हिस्सों में 18 जनवरी तक या उससे आगे तक स्कूल बंद रहेंगे। कहीं ठंड की वजह से छुट्टियां बढ़ाई गई हैं, तो कहीं त्योहारों और सार्वजनिक अवकाशों ने छात्रों को राहत दी है। हर राज्य में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फैसले लिए जा रहे हैं। यदि मौसम की स्थिति और बिगड़ती है, तो छुट्टियों को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
अभिभावकों को चाहिए कि वे केवल राज्य सरकार, जिला प्रशासन या स्कूल द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें। यदि स्कूल खुलते हैं, तो बच्चों को पूरी तैयारी के साथ भेजें। गर्म कपड़े पहनाना, समय पर नाश्ता कराना और बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।
छात्रों के लिए यह समय आराम के साथ-साथ हल्की पढ़ाई का भी है। अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें और यदि किसी प्रकार की तबीयत खराब महसूस हो, तो तुरंत घरवालों को जानकारी दें।
आगे क्या हो सकता है फैसला
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। ऐसे में स्कूलों को लेकर नए आदेश जारी होने की पूरी संभावना है। प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है, और इसी आधार पर स्कूल खोलने या बंद रखने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।














