Winter Vacation Extended: उत्तर भारत के कई जिलों में इन दिनों ठंड ने अपना सबसे तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा, बर्फीली हवाएं और तेज गलन आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे हालात में सबसे अधिक असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। ठंड के कारण उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य और स्कूल आने-जाने की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अहम और जरूरी फैसला लिया है।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया बड़ा निर्णय
लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर की चेतावनियों के बीच शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू किया गया है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और उन्हें ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाना है।
पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह के समय दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में छोटे बच्चों का स्कूल आना-जाना न केवल असुविधाजनक बल्कि जोखिम भरा भी हो सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी बनी फैसले की वजह
मौसम विभाग की ओर से लगातार शीतलहर और अत्यधिक ठंड को लेकर चेतावनियां जारी की जा रही हैं। कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ तेज गलन महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
इन्हीं रिपोर्ट्स और जमीनी हालात को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। अभिभावकों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को भी इस निर्णय में खास महत्व दिया गया है।
17 जनवरी तक रहेगा अवकाश, आदेश लागू
छात्रों के लिए घोषित की गई छुट्टी
जारी आदेश के अनुसार कक्षा 8 तक के सभी छात्रों के लिए 17 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। इस अवधि में छात्रों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए है, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में घर पर रह सकें और ठंड से बचाव हो सके।
पिछले कुछ दिनों में तापमान में आई अचानक गिरावट के कारण सुबह के समय बच्चों का स्कूल पहुंचना बेहद कठिन हो गया था। कई स्थानों पर कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई थी। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला समय की मांग माना जा रहा है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए स्कूल खुले रहेंगे
हालांकि, यह अवकाश केवल छात्रों के लिए लागू होगा। स्कूलों के सभी शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारी पूर्व की तरह विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इस अवधि में शिक्षक अपने नियमित प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को पूरा करेंगे।
इस दौरान पाठ्यक्रम की योजना, अभिलेखों का संधारण, पंजिकाओं की देखरेख और आगामी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े कार्य किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्रों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा और स्कूल खुलने के बाद शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेंगी।
स्वास्थ्य को प्राथमिकता, प्रशासन सतर्क
छोटे बच्चों पर ठंड का ज्यादा असर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। अत्यधिक ठंड में स्कूल आने-जाने से वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याएं इस मौसम में आम हो जाती हैं।
सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने से सड़कों पर दृश्यता बहुत कम हो जाती है। ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल यात्रा जोखिम भरी साबित हो सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों की चिंता को मिला समाधान
इस निर्णय से अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से माता-पिता बच्चों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। अब वे निश्चिंत होकर बच्चों को घर पर रख सकते हैं और ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय कर सकते हैं।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे इस अवकाश अवधि का सही उपयोग करें। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, पौष्टिक आहार दें और उन्हें अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर न निकलने दें।
आगे बढ़ सकती हैं छुट्टियां, हालात पर नजर
मौसम सुधरने पर लिया जाएगा अगला फैसला
शिक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि मौसम में सुधार होता है और ठंड का प्रभाव कम होता है, तो 17 जनवरी के बाद स्कूलों को दोबारा खोलने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, अगर शीतलहर और ठंड का प्रकोप जारी रहता है, तो अवकाश को आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति की समीक्षा कर रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट और स्थानीय हालात के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति के अनुसार तुरंत निर्णय लेने के लिए पूरी तैयारी है।
बच्चों के हित में लिया गया जरूरी कदम
कुल मिलाकर कक्षा 8 तक के स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का फैसला पूरी तरह से बच्चों के हित में लिया गया है। यह निर्णय न केवल उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित करता है।
आने वाले दिनों में मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। सभी की यही उम्मीद है कि हालात जल्द सुधरेंगे और बच्चे सुरक्षित माहौल में दोबारा स्कूल लौट सकेंगे। तब तक यह अवकाश बच्चों के लिए राहत और सुरक्षा का माध्यम बना रहेगा।














